रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): जालंधर शहर के लतीफपुरा में माहौल 3 साल बाद फिर तनावपूर्ण बन गया है। सोमवार और मंगलवार की रात ढाई बजे पुलिस बल ने कब्जाधारियों को उठा दिया। उनके टेंट हटा दिए। लगभग 7 घंटे चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने कब्जा लेकर जमीन खाली करवा ली।
जालंधर प्रशासन की कार्रवाई से गुस्साए
लोग दोपहर 12 बजे के बाद बूटा मंडी में वाटर सप्लाई की टंकी पर चढ़ गए। लोगों ने टंकी पर चढ़ने के बाद पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान धूप में एक महिला को चक्कर आ गया। लगभग 150 फीट ऊंटी टंकी पर महिलाओं ने उसे गिरने से बचाया और वहीं पर लेटा दिया।
लतीफपुरा की जमी का कब्जा लेने के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में तारीख है। इसमें इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को जमीन पर कब्जे की स्थिति का जवाब देना है। इससे पहले ही प्रशासन ने पुलिस के साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए टेंट हटाकर मलबा उठाना शुरू कर दिया। बात दें कि यहां पर बसे करीब 100 परिवारों के घरों को 2022 में ही प्रशासन ने खाली करवा लिया था। कुछ घरों को तोड़ा था जिसके बाद लोग टेंट लगाकर इस जमीन पर बैठे थे। 2022 में लोगों ने बड़े स्तर पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था। इससे सबक लेते हुए पुलिस ने इस बार पहले ही विरोध के स्वर दबा दिए। बाहर से विरोध करने के लिए लोग न आ सकें, इसके लिए पुलिस ने लतीफापुरा की कब्जे वाली जगह के चारों ओर वैरिकेडिंग कर दी। किसी को भी आगे नहीं जाने दिया गया।


