रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): CM भगवंत मान थोड़ी देर में लुधियाना में टाटा स्टील के अत्याधुनिक इको फ्रेंडली ग्रीन स्टील प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके लिए वह कार्यक्रम में पहुंच गए हैं। टाटा स्टील ने प्लांट पर 3200 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं और इसमें 2500 से अधिक लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा।
टाटा स्टील का देश में यह दूसरा रिसाइकिल बेस्ड ग्रीन स्टील प्लांट है। टाटा स्टील इस तरह की स्क्रैप आधारित तकनीक को भारत और विदेशों में भी बढ़ावा दे रही है। हरियाणा के रोहतक में स्क्रैप प्रोसेसिंग यूनिट और यूरोप में डिकार्बोनाइजेशन प्रोजेक्ट्स इसी दिशा में कदम हैं। वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार को भी इस प्लांट से सालाना 200 से 300 करोड़ रुपए का राजस्व अलग-अलग टैक्सों के माध्यम से मिलेगा। लुधियाना के हाइटेक वैली में करीब 115 एकड़ जमीन पर यह प्लांट स्थापित किया गया है। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन (MTPA) होगी। यहां मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए टीएमटी बार और अन्य स्टील उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट से करीब 2500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सीधे तौर पर सीमित नौकरियां होंगी, लेकिन ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन और छोटे उद्योगों (MSME) को बड़ा लाभ मिलेगा। प्लांट शुरू होने के बाद राज्य सरकार को जीएसटी, बिजली खपत, स्टाम्प ड्यूटी और अन्य करों के जरिए हर साल 200 से 300 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है। इसके साथ ही आसपास के उद्योगों के बढ़ने से आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।
EAF तकनीक के कारण इस प्लांट में कार्बन उत्सर्जन काफी कम होगा। कोयले की जरूरत नहीं पड़ेगी और पानी की खपत भी पारंपरिक स्टील प्लांट्स की तुलना में कम रहेगी। स्क्रैप के इस्तेमाल से रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इसे “ग्रीन स्टील प्लांट” माना जा रहा है।


