रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): कनाडा में नया इमिग्रेशन बिल पास होने के बाद 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक गई है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने C-12 बिल पास होने के बाद 30 हजार शरणार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। नए बिल में शरणार्थियों की मान्यता खत्म कर दी गई है।
इसके विरोध में पंजाबी स्टूडेंट्स सहित अन्य देशों के छात्रों ने विनिपेग में 17 अप्रैल को प्रदर्शन किया और सरकार से वर्क परमिट खत्म न करने और डिपोर्टेशन न करने की मांग की। पंजाब से सालाना डेढ़ लाख स्टूडेंट्स कनाडा के कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं। कोर्स पूरा होने पर इनको वर्क परमिट मिलता है। वर्क परमिट खत्म होने पर ये शरणार्थी के लिए अप्लाई करते और सालों तक काम करते रहते थे। लेकिन अब इन्हें 1 साल में अप्लाई करना होगा, नहीं तो डिपोर्ट हो सकते हैं। कनाडा सरकार की तरफ से वर्क परमिट खत्म हो चुके और शरणार्थी के तौर पर रह रहे स्टूडेंट्स को दिए नोटिस में कहा है कि वो आपनी अयोग्यता का आधार स्पष्ट करें।
नोटिस में पूछा गया-
” आपने कनाडा में आने के एक साल के अंदर शरण के लिए एप्लाई नहीं किया है, इसलिए आपकी शरण की अर्जी को खारिज क्यों न कर दिया जाए।


