रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): पंजाब पुलिस के डीएसपी ने पावरकॉम के जेई को नशा तस्करी के झूठे केस में फंसाने की कोशिश की। डीएसपी के 3 साथियों ने उसकी कार में नशा रख दिया। फिर तलाशी के बहाने डीएसपी को मौके पर बुला लिया। इसके बाद डीएसपी जेई को सीआईए स्टाफ में ले गए। हालांकि जब पता चला कि ये जेई है तो केस दर्ज करने की जगह उसे छोड़ दिया गया। हालांकि जेई ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने का फैसला किया। अपने स्तर पर जांच कर जेई ने उन 3 लोगों के बारे में पता कर लिया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। जब मामला कोर्ट में गया तो आरोपियों ने कहा कि डीएसपी गुरसेवक सिंह भी इसमें शामिल है। इसके बाद कोर्ट ने फाजिल्का के जलालाबाद में तैनात DSP गुरसेवक सिंह बराड़ पर भी केस दर्ज करने के आदेश दे दिए।
जानकारी अनुसार पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के जेई व मंडी रोडांवाली के रहने वाले अमित कुमार ने 13 जुलाई को थाना अरनीवाला में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने बताया कि 3 जून 2026 की सुबह वह अपनी कार से मंडी रोडांवाली से अरनीवाला ड्यूटी पर जा रहे थे। रास्ते में गंग कैनाल पुल के पास वह नहर किनारे लगे नल से कार में रखे वाटर कूलर में पानी भरने लगे। इसी दौरान स्विफ्ट कार में सवार तीन अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को पुलिस कर्मचारी बताते हुए उनसे पूछताछ शुरू कर दी और कार की तलाशी लेने लगे। तलाशी के दौरान कार की सीट के नीचे से एक पैकेट बरामद हुआ। इन्हीं पुलिस कर्मियों पर कार में पैकेट रखने के आरोप लगे। जेई अमित कुमार ने बताया कि उन्हें इस पैकेट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इस बीच मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलने पर डीएसपी जलालाबाद गुरसेवक सिंह और अन्य पुलिस कर्मचारी वहां पहुंचे। डीएसपी ने अमित कुमार से पूछताछ की। भीड़ अधिक होने और मामला विवादित होने के कारण मौके पर आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकी। इसके बाद अमित कुमार को बरामद पैकेट सहित सीआईए फाजिल्का ले जाया गया। वहां पुलिस कर्मचारियों ने पैकेट की जांच की, जिसमें कोई नशीला पदार्थ नहीं बल्कि यूरिया पाया। फिलहाल अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।


