रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): जालंधर के टैगोर इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षिका पर तीसरी कक्षा की छात्रा को बाल बांधने की मामूली बात पर सजा देने का गंभीर आरोप लगा है। दो पोंटियों (चोटी) की जगह एक पोंटी बनाकर स्कूल जाने पर बच्ची के हाथों को पैरों के नीचे रखकर चलवाया गया, जिससे बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। मामले में परिजनों ने पुलिस को दो अध्यापिकाओं के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है और बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
जालंधर के वेस्ट हलके में काला संघिया रोड स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दानिशमंदा के रहने वाले पीड़ित पिता रोहित कुमार ने बताया कि उनकी 8 वर्षीय बेटी तानवी स्कूल की टॉपर छात्रा है। छात्रा स्कूल में सिर की दो पोंटी बनाने के बजाय एक पोंटी बनाकर चली गई थी। इसी बात से नाराज होकर शिक्षिका ने बच्ची को अमानवीय और सख्त सजा दे डाली।
शिक्षिका ने पर लगे गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिक्षिका ने बच्ची के हाथों को जमीन पर रखवाकर उस पर पैर रखकर चलवाया। इतना ही नहीं, शिक्षिका ने बच्ची को डराया-धमकाया कि यह बात वह अपने घर पर किसी को न बताए। सजा इतनी खौफनाक थी कि बच्ची पिछले दो दिनों से खौफ में थी और ठीक से सो भी नहीं पा रही थी। दो दिन बाद जब बच्ची ने रोते हुए परिजनों को आपबीती बताई, तो परिजनों के होश उड़ गए।


