रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): पंजाब सरकार ने भी कोल्ड्रिफ कफ सिरप की ब्रिकी और इसके उपयोग पर रोक लगा दी है। मध्य प्रदेश में इस सिरप के इस्तेमाल से 17 बच्चों की मौत हुई। इसके बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने यह फैसला लिया है। इस संबंधी सेहत विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
पंजाब के सभी खुदरा विक्रेता, वितरक, पंजीकृत चिकित्सक, अस्पताल/स्वास्थ्य सेवा संस्थान, आदि इस प्रोडक्ट की खरीद, बिक्री या इसका उपयोग नहीं करेंगे। यदि राज्य में इसका कोई स्टॉक पाया गया तो इसकी जानकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन को भेजने को कहा गया है। तमिलनाडु में बनी इस सिरप को डायथिलीन ग्लाइकॉल की मिलावट के चलते बैन किया गया है। कांचीपुरम जिले के सुंगुवर्चत्रम में स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल की यूनिट से कोल्ड्रिफ सिरप (बैच नंबर SR-13) जब्त किया गया। जांच में पता चला कि इसमें नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल हुआ, जो संभवतः डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। दोनों ही केमिकल किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं। जैसे ही सैंपल चेन्नई की सरकारी ड्रग्स टेस्टिंग लैब में भेजे गए, वहां से 24 घंटे में रिपोर्ट दी गई। इसमें पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप का यह बैच 48.6% w/v DEG से जहरीला और ‘Not of Standard Quality’ है। जबकि अन्य चार दवाओं (रेस्पोलाइट D, GL, ST और हेप्सैंडिन सिरप) को स्टैंडर्ड क्वालिटी का पाया गया।


