रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद पैदा हुए हालात से निपटने के लिए AAP क्राइसिस मैनेजमेंट में जुट गई है। AAP ने 29 अप्रैल (बुधवार) को जालंधर में पार्टी विधायकों, ब्लॉक ऑब्जर्वरों और सभी फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है।
यह बैठक शहर के एक संस्थान के ऑडिटोरियम में होगी, जिसमें पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान शामिल होकर जमीनी स्तर से फीडबैक लेंगे और हालिया घटनाक्रम के बाद कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश करेंगे। इससे पहले AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर राज्यसभा के रिकॉर्ड में AAP सांसदों के नाम के आगे से बिना इजाजत पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मामले की तुरंत जांच और जल्द लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन सभी जरूरी आदेश की कॉपी भी मांगी है, जिनके आधार पर AAP का सांसदों के नाम के आगे से नाम हटाया गया है। 27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सातों सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी थी, जिससे राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर 3 रह गई, जबकि BJP की संख्या 113 हो गई है।


