रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): अमृतसर में एक गर्भवती महिला के पेट में बच्चे की मौत हो गई। महिला के पति ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की शुकराना यात्रा के चलते रास्ते बंद किए गए थे। ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था। इस कारण वह पत्नी को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सके।
युवक का दावा है कि रास्ते में उसकी पत्नी दर्द से तड़पती रही और अस्पताल पहुंचने में 40 से 50 मिनट की देरी हुई, जिससे बच्चे की मौत हो गई। युवक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। इस पर अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के माता-पिता ने CM को घेरा। अमृतसर में गुरुवार (7 मई) को सीएम भगवंत मान ने शुकराना यात्रा निकाली थी। इस दौरान उन्होंने गोल्डन टेंपल में माथा भी टेका। इसके बाद वह तरनतारन रवाना हो गए थे।
वीडियो में कहा :
प्रेग्नेंट पत्नी को हॉस्पिटल ला रहा थाः महिला के पति जुगराज सिंह ने कहा कि मैं खड़ा हूं गुरु अमरदास हॉस्पिटल के सामने। बोलने की हिम्मत नहीं है। मेरी पत्नी प्रेग्नेंट थी। मैं अपनी पत्नी को लेकर अमृतसर के गुरु अमरदास हॉस्पिटल आ रहा था। जहां से पहले भी इलाज चल रहा था।
चारों तरफ पुलिस वाले खड़े थे: बदकिस्मती के साथ इसी दिन हमारे प्यारे सीएम भगवंत सिंह मान, जो खुद को आम आदमी बताने का दिखावा करते हैं, एक आम आदमी सीएम, मास्टर का बेटा। बदकिस्मती से उन्हें भी इसी दिन अमृतसर आना था। उनके आदेशों के चलते हर तरफ पुलिस वाले ऐसे खड़े थे जैसे पता नहीं कोई बहुत बड़ा मुजरिम आ रहा हो।
50 मिनट पत्नी गाड़ी में तड़पती रहीः इतनी सुरक्षा, सारे रास्ते बंद किए हुए थे। मेरी पत्नी ने इतनी तकलीफ झेली। हमें कम से कम 20 किलोमीटर घूमकर आना पड़ा। उन 20 किलोमीटर में लगभग 40 से 50 मिनट लग गए। 50 मिनट मेरी पत्नी गाड़ी में तड़पती रही, जिसे शायद मैं कभी भूल नहीं सकता। हॉस्पिटल पहुंचने के बाद पता चला कि मेरी प्रेग्नेंट पत्नी का मिसकैरेज हो गया।
बीमार व्यक्ति को निकलने दिया करो: मैं भगवंत मान से सिर्फ एक ही विनती करना चाहता हूं कि अगर आप आम आदमी होने का दिखावा भी नहीं कर सकते, तो कम से कम अपनी सुरक्षा में लगे लोगों को इतना जरूर कह दिया करो कि अगर किसी गाड़ी में कोई बीमार व्यक्ति या कोई प्रेग्नेंट महिला बैठी हो, तो उन्हें निकलने दिया करें।

भगवंत मान को दोबारा कुर्सी नहीं मिलेगीः अब हमारा खोया हुआ बच्चा तो कभी वापस नहीं आ सकता। भगवंत मान, लेकिन मैं तुम्हें एक श्राप देता हूं कि आपको यह कुर्सी दोबारा कभी नसीब नहीं होगी। तुम और तुम्हारे 92 विधायक दोबारा कभी सत्ता का सुख नहीं भोग पाएंगे। वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।


