रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): भारतीय किसान यूनियन (कादियां) ने पंजाब में बढ़ते नशे के संकट को देखते हुए खसखस (अफीम) की नियंत्रित खेती को तत्काल मंजूरी देने की मांग की है। यूनियन ने भुक्की और अफीम की बिक्री के लिए सरकारी ठेके खोलने का भी आह्वान किया। यह मांग फतेहगढ़ साहिब के खमानों में हुई एक बैठक के दौरान यूनियन के प्रदेश प्रधान हरमीत सिंह कादियां ने मीडिया से बातचीत में उठाई।
इस दौरान यूनियन ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सीधा असर देश की कृषि व्यवस्था पर पड़ता है। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि नशे और कृषि संकट जैसे गंभीर मुद्दों पर जल्द ठोस नीतिगत फैसले नहीं लिए गए तो पूरे राज्य में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
कादियां ने कहा कि सिंथेटिक नशों के कारण पंजाब की युवा पीढ़ी और सामाजिक ढांचा गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि इस स्थिति को रोकने के लिए सरकार को व्यावहारिक और साहसिक निर्णय लेने होंगे। यूनियन ने सुझाव दिया कि खसखस की खेती को आबकारी विभाग के दायरे में लाकर लाइसेंस प्रणाली के तहत अफीम और भुक्की की बिक्री के लिए सरकारी ठेके खोले जाएं।


