रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): पंजाब के जालंधर में घुल्ले की चक्की पास जुआ लूटने के मामले में तीन लाख देकर राजीनामा होने की खबर प्रकाशित करने के बाद पुलिस ने लुटेरों पर आनन फ़ानन में केस तो दर्ज कर लिया लेकिन वारदात में शामिल और वर्दी में आए पुलिस मुलाजिम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एफआईआर में पुलिस मुलाजिम को छोड़ बाकी के सभी आरोपितों के नाम शामिल है जबकि थाना भार्गव कैंप की पुलिस ने तीन दिन तक पुलिस को अपनी कस्टडी में भी रखा था जिससे पूछताछ के बाद बाकी के युवकों के नाम सामने आए थे।
पुलिस ने आशीष झा, नवीन, विक्की, राजन पंडित, राहुल और एक अज्ञात युवक के ख़िलाफ़ अलग अलग धाराओं अधीन केस दर्ज किया है। एफआईआर में आज़ाद अहमद निवासी गुरु संत नगर ने बताया कि दिवाली की रात उक्त लोगों ने उससे 27 हज़ार रुपये लूट लिए और इन लोगों के पास पिस्टल भी था। बाद में उसे आई 20 कार में बिठा कर किडनैप कर लिया गया और शहर भर में घूमते हुए उससे और पैसों की माँग की। पैसे में देने पर उक्त लोग धमकिया देते हुए उसे बूटा मंडी के पास छोड़ कर फरार हो गए। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में एक बदनाम पुलिस कर्मी वर्दी में साफ़ दिखाई दिया था लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने उसे नामजद ही नहीं किया। हैरानी की बात है कि इस तरह का कृत्य आख़िरकार लोगों को क्या संदेश देगा? साफ़ तौर पर पुलिस ने अपने मुलाजिम का बचाव किया जो एक लूट की वारदात में शामिल था। आने वाले समय में देखना होगा कि पुलिस सच का साथ देते हुए मुलाजिम को नामजद करती है या नहीं।


