रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): पंजाब विधानसभा में आज केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया है। सेशन की कार्यवाही शुरू हो हो गई है। सबसे पहले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की अतुलनीय शहादत को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
इस दौरान भाजपा के विधायक अश्वनी शर्मा जब 4 साहिबजादों की शहादत पर बोलने के लिए खड़े हुए तो उनका सिर नंगा था। इस पर स्पीकर कुलतार संधवा ने उन्हें टोका कि सदन में बैठते वक्त न सही लेकिन बोलते वक्त सिर ढक लें। इस पर अश्वनी शर्मा ने सिर पर रूमाल रखकर सदन को संबोधित किया। सत्र के अंत में मनरेगा को लेकर प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से यह मांग की जाएगी कि मनरेगा को 60% केंद्र व 40% स्टेट सरकार के फंड के बजाय 100% केंद्र की वित्तीय मदद वाली योजना ही रखा जाए। इसके अलावा 100 दिन के रोजगार के अधिकार को भी बरकरार रखा जाए। सदन में हिस्सा लेने पहुंचे विपक्षी दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा सेशन में कुछ नहीं होगा। सेशन ड्रामा है। पंजाब का पैसा बर्बाद होगा। BJP की सोच तो महात्मा गांधी के खिलाफ है लेकिन मैं सीएम से पूछना चाहता हूं कि जब आपकी सरकार आई तो सबसे पहले महात्मा गांधी की फोटो उतारी। आज पंजाब के किसी दफ्तर में महात्मा गांधी की फोटो नहीं है। पंजाब में मनरेगा मजदूरों को 100 दिन रोजगार की बात करते है। इनकी सरकार में एवरेज 27 दिन रोजगार मिला है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह क्रांतिकारी स्कीम है, मजदूरों को 100 की जगह 125 दिन रोजगार मिलेगा। मगर, केंद्र की संसद में पास कानून के खिलाफ पंजाब सरकार ग्राम सेवकों के जरिए विद्रोह करा रही है।


