रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): चंडीगढ़ के प्राइवेट अस्पताल में महिला डॉक्टर डॉ. प्रभलीन कौर ने नौकरी के पहले ही दिन इस्तीफा दे दिया। डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल की ओनर ही तय करती थी कि मरीज को कितने दिन भर्ती रखना है और कितने दिन ICU में रखना है। उन्होंने कहा कि नाम मेरा और गलत काम उनका। इललिए मैंने रिजाइन कर दिया।
महिला डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह ये सारी बातें कह रही है। उसी वीडियो को पंजाब ह्यूमन राइट्स कमीशन के मेंबर पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि इस बहादुर डॉक्टर बेटी ने बेधड़क होकर चंडीगढ़ में प्राइवेट अस्पताल माफिया का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया है। पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन इस बहादुर बेटी के साहस की सराहना करता है और डटकर इस बेटी के साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि हम ह्यूमन राइट्स की आवाज उठाते हैं। हमारे देश में बड़े-बड़े लोग सोचते हैं कि आवाज को कैसे उठाया जाए, लेकिन इस बेटी ने इसे उठाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आप भी अस्पतालों पर नजर रखें।
यह कहीं बातें
मैंने बहुत प्रतिष्ठित अस्पताल जॉइन किया थाः 30 मार्च को महिला डॉक्टर ने वीडियो शेयर की। डॉक्टर ने कहा कि मैंने एक बहुत जाना-माना और प्रतिष्ठित अस्पताल जॉइन किया था। सोचा था कि सुबह वहां काम करूंगी और शाम को अपने अस्पताल में ओपीडी करूंगी। इसमें कोई संदेह नहीं कि वे अच्छी सैलरी दे रहे थे। मैं पहले दिन अस्पताल में जब गई तो मुझे पता चला कि उन्हें फिजिशियन बस नाम के लिए चाहिए था।
जितना हो सके मरीजों को ICU में रखें: युवती ने कहा- जो अस्पताल की ओनर डॉक्टर थी, जो कि फिजिशियन नहीं बल्कि गाइनोकॉलॉजिस्ट थी, वह सारे पेशेंट खुद मैनेज करती थी। यानी कि वह तय करती थी कि हर पेशेंट को एडमिट होना है या नहीं। वह यह भी तय करती थी कि जो भी पेशेंट एडमिट हो, उसे जितना संभव हो आईसीयू में रखा जाए और जितने दिन हो सके, आईसीयू में ही रखा जाए।
नाम मेरा और गलत काम उनका: डॉक्टर ने कहा- गलत काम वे लोग कर रहे थे और नाम मेरा होता। इसलिए, मैंने रिजाइन कर दिया। मैं ऐसा नहीं होने दूंगी कि मेरे कंधे पर कोई बंदूक रखकर चलाए। बस एक-दो लोगों के कारण पूरी डॉक्टर फ्रेटरनिटी बदनाम हो जाती है।
मेरे रानजीतिक कॉन्टैक्ट नहीं: अस्पताल का नाम रिवील न करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा- मैं उनके जितनी पैसे वाली नहीं हूं। मेरे उतने कॉन्टैक्ट नहीं हैं। मेरे राजनीतिक कॉन्टैक्ट नहीं हैं। यह भारत की सैड रियलिटी है। मैं इस चीज का विरोध करूंगी। ऐसा नहीं है कि मैं चुप रहूंगी। ऐसा बिल्कुल नहीं है।


