रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): पंजाब में बिजली सप्लाई सिस्टम में आने वाले फॉल्ट को ठीक करने वाले सभी कर्मचारी पांचवें दिन भी हड़ताल पर रहें। कंज्यूमर कंप्लेंट पेडिंग चल रही है लेकिन वह शिकायतें हड़ताल के खत्म होने से ठीक नहीं हो पाएगी। करीब 5 से 8 घंटे के कट मोहल्लों में लग रहे हैं। जनता बुरी तरह से गर्मी में पस्त है। बीती रात हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद के साथ मीटिंग करीब 6 घंटे तक चली लेकिन ये मीटिंग बेनतीजा रही।
पावरकाम कर्मियों का रहना है कि अभी तक उन्हें सिर्फ बातों में उलझा कर हड़तालें खत्म करवा दी जाती थी लेकिन अब जब तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं होता वह हड़ताल से पीछे हटने वाले नहीं है।शनिवार को करीब 400 कंट्रोल रूम कर्मचारियों ने भी काम रोक दिया। इससे पहले सीपीएल के 400 कर्मचारियों ने 24 घंटों के लिए हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया था। हैरानी की बात है कि दिल्ली राज्य जैसे में दखल अंदाजी करके सीजेपी स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में शामिल होकर केंद्र सरकार पर सवाल उठानी वाली पंजाब सरकार अपने गिरेबान में नहीं झाक रही। कर्मचारियों ने कहा कि मीटिंगों में फैसले सरकार के नुमाइंदें कर लेते है लेकिन लिखती में कुछ नहीं देते। यदि लिखती कुछ देते भी तो तब देते है जब हम संघर्ष के रास्ते पर आते है। लिखित में कुछ भेजते भी है तो तोड़-मरोड़ कर लिखा जाता है। जो बातें कहते है उस पर जमीनी स्तर पर सही नहीं उतरते। लोगों से भी हमारी अपील है कि हमारा साथ दे। पावरकाम कर्मियों ने कहा कि हड़ताल तब तक जारी रखेंगे जब तक मांगें मान नहीं ली जाती।


