रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): लेबनान में इजराइल के हमलों में एक ही दिन में 254 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि वे देश के सभी राजनीतिक और कूटनीतिक संसाधनों को जुटाकर इजराइली हमलों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। बड़ी संख्या में घायलों के इलाज से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव है। इस बीच सीजफायर को लेकर विवाद गहरा गया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि लेबनान इस समझौते में शामिल नहीं है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, “हमने ऐसा कोई वादा नहीं किया था।” वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को तय करना होगा कि वह सीजफायर लागू करता है या इजराइल के जरिए जंग जारी रखता है, क्योंकि दोनों साथ नहीं चल सकते। उधर इजरायल ने पाकिस्तान को लेकर कहा कि पाकिस्तान द्वारा करवाए गए इस सीजफायर पर भरोसा नहीं किया जा सकता जबकि सीजफायर में लेबनान का कोई जिक्र नहीं है।

यह हुआ नुकसान
अमेरिका: 1. F-15E स्ट्राइक ईगल: 750-915 करोड़
2. F-35: 660-910 करोड़ (दुनिया का सबसे महंगा लड़ाकू विमान)
3. A-10 थंडरबोल्ट II: 150-210 करोड़
4. E-3 अवाक्स: 2,200-2,500 करोड़
5. MQ-9 रीपर (17+ ड्रोन): 4,250-5,000 करोड़
6. 15 सैनिक शहीद
7. पेंटागन के मुताबिक, युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिका रोजाना करीब 15,666 करोड़ रु. खर्च कर रहा था।
8. पांच लाख करोड़ रु. से ज्यादा खर्च।
ईरानः 1. ईरान की जीडीपी में करीब 20% तक गिरावट संभव।
2. तेल निर्यात बंद होने से 33000 करोड़ रुपए का नुकसान।
3. करीब 4 करोड़ लोग ईरान में गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं।
4. एक माह में ईरान को 13 लाख करोड़ रुपए का नुकसान आंका गया है।
5. ईरान को पुनर्निर्माण में लगभग 10 साल तक लग सकते हैं।


