रोजाना मेल (न्यूज डेस्क): झारखंड सरकार ने छात्र आंदोलन के 24वें दिन यानी 17 अगस्त को JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा एजेंसी TDPL द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को कैंसिल करने की घोषणा की गई।
राज्य सरकार ने ये भी ऐलान किया कि साल 2014 से अब तक हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी। इधर, सरकार के फैसले छात्र खुश हैं, लेकिन CBI जांच की मांग पर अड़े हैं। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, सरकार के नोटिफिकेशन की स्टडी करेंगे। जब तक CBI जांच की मांग नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा। आज कोर कमेटी की बैठक में 20 तारीख के सीएम हाउस घेराव पर भी फैसला होगा। गुरुवार रात को ही छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने अपना अनशन तोड़ दिया। वे 15 दिन से भूख हड़ताल पर थे। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी महतो से बात की थी। अब JSSC-CGL एग्जाम पास करने वाले कैंडिडेट्स परीक्षा रद्द होने विरोध कर रहे हैं।
उधर JSSC-CGL परीक्षा से जिन उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई थी और जिन्होंने अपने पदों पर काम भी किया था, वे अपनी नियुक्तियों को लेकर स्पष्टता और न्याय की मांग करते हुए प्रोजेक्ट भवन में धरना दे रहे हैं। कैबिनेट की विशेष बैठक के दौरान ही CGL के सफल अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुट गए। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति रद्द करने के फैसले का विरोध किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जैसे ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा की, कई अभ्यर्थी रो पड़े और धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अब न्याय के लिए कोर्ट जाएंगे।


